ग्रेटर नोएडा वेस्ट स्थित अरिहंत अंबर सोसायटी के निवासियों ने ट्विटर के माध्यम से प्रशासन से टावर लॉक के नियम में बदलाव की मांग की है। लोगों का कहना है कि प्रशासन को टावर लॉक करने की गाइडलाइन पर पुनर्विचार करने की जरुरत है। लॉकडाउन हटने के बाद टावर लॉक करने का कोई मतलब नहीं रह गया है। क्योंकि लॉकडाडन के सभी लोगों को काम के लिए बाहर जाना पड़ रहा है। जिससे किसी के भी संक्रमित होने की संभावना को नकारा नहीं जा सकता है। इस प्रकार प्रशासन कई महीनों तक टावर को लॉक नहीं रख सकता है। क्योकि अब कोई भी कभी भी कोविड-19 का शिकार हो सकता है।

सोसायटी के निवासी औऱ सामाजिक कार्यकर्ता पुरुषोतम सती ने बताया कि नियम में बदलाव के लिए उप्र. प्रशासन को ट्विटर के माध्यम से अवगत कराया है। सोसायटी में अधिकतर लोग प्राइवेट नौकरी करते है। नौकरी पर नहीं जाने पर कंपनी मालिक जॉब से निकालने की बात करता है। जिसके कारण लोगों का अपनी जीविका चलाने का डर सता रहा है। उनका कहना है कि टावर लॉक करना प्रशासन का उचित फैसला नहीं है। किसी टावर में कोरोना पॉजिटिव मिलता है तो प्रशासन फ्लोर या फ्लैट को ही सील करें। पूरे टावर को नहीं। सील करने के फैसले पर पुनर्विचार के लिए अमित गुप्ता, सुखविंदर, आलोक तिवारी, अभिनव, प्रशांत, राज पांडे, हर्षवर्धन, पूजा त्रिपाठी, विशाल गोस्वामी, पंकज यादव, संजीव झा, सतीश तिवारी, मंगल सिंह रावत, जैनेंद्र सिंह, मनोज कुशवाहा आदि ने अपनी सहमति दी।