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पीडब्ल्यूडी व नेशनल हाईवे अथॉरिटी ने तोड़ी यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ के गोरखनाथ मंदिर की दुकानें, जानें क्या है पूरा मामला

मंदिर परिसर से जुड़ी 24 दुकानें ध्वस्त, करीब 200 दुकानों को ध्वस्त करने की तैयारी में है प्रशासनिक अमला

गोरखपुर। यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ के गोरखनाथ मंदिर की दुकानों को पीडब्ल्यूडी एवं नेशनल हाईवे अथॉरिटी के अधिकारियों ने तोडे जाने का कार्य शुरू कर दिया है। मंदिर की ये एक या दो दुकानें नहीं बल्की 200 दुकानें तोड़ी जानी है। यह दुकानें गोरखपुर में मोहद्दीपुर से जंगल कौड़िया तक निर्माणाधीन फोरलेन में बाधक बन रही थीं। जिसके चलते सीएम योगी आदित्यनाथ ने खुद इन दुकानों को तोड़े जाने का आदेश दिया था। फिलहाल मुख्य गेट से लेकर दूसरे गेट तक करीब 24 दुकानों को तोड़ा जा चुका है।

गोरखनाथ मंदिर की इन दुकानों में मौजूद दुकानदारों को पास में ही प्रस्तावित मल्टीस्टोरी शापिंग काम्पलेक्स में शिफ्ट करने की योजना है। गोरखपुर के मोहद्दीपुर से जंगल कौड़िया तक करीब 17 किलोमीटर लंबे फोरलेन के निर्माण में आड़े आ रहीं गोरखनाथ मंदिर परिसर से सटी करीब दो दर्जन दुकानों को तीन दिन में ध्वस्त कर दिया गया है। पीडब्ल्यूडी पिछले तीन दिनों से गोरखनाथ ओवरब्रिज से मंदिर की तरफ जाने वाली दुकानों को तोड़ रहा है। फोरलेन के निर्माण के जद में गोरखनाथ ओवरब्रिज से राजेन्द्र नगर तक करीब 200 दुकानों के अलावा निजी लोगों की भी कुछ दुकानें अतिक्रमण की जद में हैं।

बता दें कि गोरखनाथ मंदिर के आसपास घंटों जाम से जूझना पड़ता था। सड़कों पर दुकानदारों का कब्जा रहता था। ऐसे में दुकानों के हटने से लोगों को विकास के साथ-साथ जाम से भी पीछा छूटेगा।  दुकानदारों की राहत के लिए गोरखनाथ सब्जी मंडी में पांच मंजिला भवन तैयार हो रहा है, जिसमें दुकानों का निर्माण होगा। जीडीए में मानचित्र स्वीकृत होने के लिए जमा किया गया है। इन दुकानों को प्रभावित दुकानदारों को दिया जाएगा। पीडब्ल्यूडी एनएच के परियोजना प्रबंधक एमके अग्रवाल का कहना है कि 30 जून तक फोरलेन का निर्माण पूरा करना है। गोरखनाथ मंदिर के मुख्य गेट के आगे की दुकानें तोड़ी गई है। गोरखपुर वासियों को गोरखनाथ मंदिर के आसपास घंटों जाम से जूझना पड़ता था। सड़कों पर दुकानदारों का कब्जा रहता था। ऐसे में दुकानों के हटने से लोगों को विकास के साथ-साथ जाम से भी पीछा छूटेगा।

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