लखनऊ। कोरोना संकट के इस दौर में आलू के दाम एक बार फिर से आसमान पर हैं। वहीं आने वाले दिनों में भी आलू सेब के भाव तक जा सकता है। बाजार में फिलहाल में भी आलू 30 रूपए किलो तक बिक रहा है। आलू के भाव लगातार चढ़ने के पीछे इस बार प्रदेश में इसका उत्पादन 20 प्रतिशत कम होना बताया जा रहा है। वहीं दूसरे प्रदेशों के लिए भी आपूर्ति लगातार बढ़ रही है। ऐसे में आशंका व्यक्त की जा रही है कि अगस्त -सितम्बर में आलू के भाव सातवें आसमान पर पहुंच सकते हैं।

बताया जाता है कि उत्पादन कम होने से अबकि किसानों को दाम अच्छे मिले हैं। इस समय व्यापारी कोल्ड स्टोरों पर किसानों से 20 से 22 रुपये किलो की दर से आलू खरीद रहे हैं। जिस प्रकार से दूसरे राज्यों को निर्यात जारी है अगर उसे नहीं रोका गया तो यहां आलू के दाम इस समय के भाव से डेढ़ से दोगुने हो सकते हैं। कारण कोल्ड स्टोरों में इस समय 74 लाख टन के आसपास आलू बचा है। 20 से 22 लाख टन बीजों के लिए रखा जाना है जबकि प्रति माह 5 से 6 लाख टन लोकल खपत के लिए जरूरत होगी। नया आलू नवम्बर के अन्त में आएगा। ऐसे में कम से कम 30 लाख टन घरेलू खपत के लिए रखने के बाद करीब 18-20 लाख टन ही अतिरिक्त आलू बचता है। दूसरी तरफ निर्यात जारी रहने पर तीन महीने में अतिरिक्त आलू जल्द समाप्त हो जाएगा।

प्रदेश के इन जनपदों में प्रमुख रूप से होती है आलू की पैदावार

आगरा, फिरोजाबाद, कन्नौज, फर्रुखाबाद, बुलन्दशहर, अलीगढ़, कानपुर, बदायूं, बरेली, प्रयागराज, कौशाम्बी, प्रतापगढ़, कानपुर, उन्नाव, लखनऊ, बाराबंकी, अयोध्या, सुलतानपुर, गोरखपुर, फतेहपुर, हाथरस,मैनपुरी, मथुरा तथा इटावा।