ग्रेटर नोएडा वेस्ट के बिसरख कोतवाली क्षेत्र में युवती को क्रिकेट खेल से जुड़ी हस्तियों से मिलवाने के बहाने रेप कर एमएमएस बनाने का मामला सामने आया है। रेप का आरोप दिल्ली के एक रणजी खिलाड़ी पर है। मामला एक साल पुराना है। पीड़िता का आरोप है कि पुलिस ने एक साल बाद भी आरोपी क्रिकेटर और उसके साथियों की गिरफ्तारी नहीं की है। आरोप है कि एफआईआर दर्ज किए जाते समय पुलिस ने 8 दिनों तक थाने में रखकर केस वापस लेने के लिए भी दबाव बनाया था। फिलहाल पीड़िता ने ट्विट कर आरोपितों की गिरफ्तार किए जाने की गुहार लगाई है।

बता दें कि मूलरूप से आगरा की रहने वाली युवती मीरा रोड़ मुंबई में परिवार के साथ रहती हैं। जोकि खुद को क्रिकेटर गौतम गंभीर और निशांत शर्मा की बड़ी फैन बताती हैं। पीडिता ने बताया कि 2018 में उसकी दोस्ती सोशल नेटवर्किंग साइट टिंडर से सुबोध कैलाश चंद भाटी से हुई थी। जिसे पीड़िता दिल्ली रणजी क्रिकेट टीम का प्लेयर बताती है। पीडिता का आरोप है कि 12 जून को आरोपी ने उसे दिल्ली में उसके फेवरेट क्रिकेटर गौतम गंभीर और निशांत शर्मा समेत कुछ क्रिकेट हस्तियों से मिलवाने का झांसा देकर दिल्ली निजामुद्दीन रेलवे स्टेशन बुलाया। जहां से रात को ग्रेटर नोएडा वेस्ट के गौर सिटी स्थित फ्लैट में लेकर पहुंचा। गौर सिटी वाले फ्लैट पर उसने कहा कि तुम रात को यहीं मेरे फ्लैट में रूकों मैं सुबह आकर तुम्हें ले जाउंगा। लेकिन इसी बीच आरोपी ने कोल्ड्रिंक में कुछ नशीला पदार्थ मिलाकर पीड़िता को पिला दिया।

पीडिता का कहना है कि जब उसे रात को होश आया तो उसके कपड़े उतरे हुए थे। वहीं आरोपी क्रिकेटर नग्न अवस्था में उनके बगल में लेटा हुआ था। जिसका विरोध करने पर आरोपी ने उनके साथ मारपीट की और कहा कि उसने उनका एमएमएस बना लिया है। यदि ज्यादा शोर शराबा करोगी तो उसे सोशल मीडिया पर वायरल कर देगा। पीडिता का कहना है कि जिसकी शिकायत लेकर 13 जून को वो बिसरख कोतवाली भी पहुंची। लेकिन उनकी कोई सुनवाई नहीं होने पर वो मुंबई वापस आ गईं। जिसके बाद मुंबई में भी उन्होंने कई बार शिकायत दी, लेकिन पुलिस ने वहां भी कोई सुनवाई नहीं की। इस बीच आरोपी ने एमएमएस वायरल करने का डर दिखाकर पीडिता को कई बार ग्रेटर नोएडा वेस्ट बुलाकर गौर सिटी के कई फ्लैटों में रखकर उसके साथ रेप किया।

8 जून को मुंबई में हुई एफआईआर दर्ज

पीड़िता का कहना है कि जिसके बाद किसी तरह से 8 जून को उनकी एफआईआर मुंबई के कनकिया पुलिस स्टेशन में दर्ज की गई। जहां से उसे ग्रेटर नोएडा के बिसरख थाने भेजा गया। पीडिता का आरोप है कि 18 जुलाई को जांच के लिए उसे बिसरख थाने बुलाया गया। जहां उसे 8 दिन थाने में रखकर केस की आईओ ने उनकर केस वापस लेने के लिए तरह तरह से दबाव बनाया। इस दौरान आरोपी की दोस्त हरकीरत कौर और लोकेश नारायण दीक्षित ने धमकियां दी। जोकि दोनों अपने को कभी एडवोकेट तो कभी क्राइम ब्रांच में बताते थे।

नहीं हुई है गिरफ्तारी

पीडिता का आरोप है कि पुलिस मामले को खत्म करना चाहती है। जिसके चलते उसे केस वापस लेने के लिए मजबूर किया जा रहा है और एफआईआर के एक साल बाद भी आरोपितों की गिरफ्तारी नहीं हो सकी है। मामले को लेकर क्रिकेट खिलाड़ी सुबोध भाटी का पक्ष जानने के लिए उनसे बात करने का प्रयास किया गया। लेकिन कोई बात नहीं हो सकी।

क्या कहते हैं अधिकारी

पीडिता ने क्रिकेट खिलाडी सुबोध कैलाश चंद भाटी पर रेप और एमएमएस बनाने का आरोप लगाया था। वहीं उसकी एक महिला मित्र समेत दो अन्य लोगों पर धमकी देने का भी आरोप है। जिसकी एफआईआर बिसरख कोतवाली में दर्ज है। मामले की विवेचना जारी है, जल्द पूरी कर चार्जशीट लगाई जाएगी। जांच रिपोर्ट मेरे पास आने के बाद गिरफ्तारी के लिए देखा जाएगा। वहीं पीड़िता थाने में रखकर केस वापस लेने आदि के आरोप गलत लगा रही हैं।

          वृंदा शुक्ला- डीसीपी महिला सुरक्षा