दादरी। सावन के पहले सोमवार की सुबह जहां हिंदू धर्म के अधिकांश लोग सुबह सवेरे नाह धोकर भगवान शिव की अरदास में लगे थे और दुआ कर रहे थे कि उनका परिवार कोरोना जैसी खतरनाक बीमारी से सुरक्षित रहे। वहीं दादरी नगर क्षेत्र के युवाओं की एक टीम सुबह 5 बजे से शमशान घाट पहुंची हुई थी। अब आप शमशानघाट का नाम सुनकर चौंकिए नहीं। क्योंकि युवाओं की यह टीम किसी दुखद स्थिती के बाद शमशान घाट नहीं पहुंची थी। बल्कि रोट्रेक्ट क्लब के युवाओं की इस टीम ने शमशानघाट में मुर्दों की राख के सालों से लगे ढ़ेर को हटाने का जिम्मा उठाया था। जब से इस पूरे मामले की जानकारी शहर के लोगों को हुई है हर कोई युवाओं की इस टीम की तारीफ करते नहीं थक रहा है।

बता दें कि दादरी के भगत फार्म पर हिंदू शमशानघाट है। शहर में हिंदू धर्म के लोगों के परिवार के किसी भी सदस्य के साथ होने वाली किसी अनहोनी घटना के बाद अधिकांश लोग इसी शमशान घाट पर आकर अंतिम संस्कार करते हैं। जिनमें से कई सारे लोग अगले दिन आकर जलाई गई चिता में शेष फूलों 〈हड्डियों〉 को निकाल लेते हैं। वहीं चिता की राख को भरकर किसी नदी में सिला देते हैं या फिर अपने खेतों में भी बिखेर लेते हैं। लेकिन बड़ी संख्या में ऐसे भी लोग हैं जो अक्सर फूल तो चुगकर ले जाते हैं लेकिन राख को वहीं छोड़ देते हैं। ऐसे में बीते कई सालों से शमशान में चिताओं की रख का ढ़ेर लग हुआ है। जिसके चलते अक्सर यहां चिता जलाने के लिए आने वाले लोगों को भी दिक्कतों का सामना करना पड़ता था।

रोट्रेक्ट क्लब के ट्रैनर सोनल मित्तल ने बताया कि ऐसे में लोगों की समस्या को ध्यान में रखते हुए रोट्रेक्ट क्लब के अध्यक्ष मयंक गोयल ने यहां सफाई करने का फैसला लिया था। जिसके चलते वो 6 जुलाई को सावन के पहले सोमवार की सुबह 5 बजे पूरी टीम के साथ शमशानघाट पहुंचे। जहां करीब 4 घंटे की मशक्कत के बाद युवाओं की इस टीम ने करीब 200 कट्टे चिता की राख बाहर निकाली। जिसमें युवाओं ने अपनी बाइकों पर चिता की राख के कट्टे रखकर शमशान से बाहर निकाले। जिसके बाद उन्हें नगर पालिका के ट्रेक्टर ट्रॉली के द्वारा शहर के जंगल में गिरवाया गया। टीम के द्वारा किए गए इस पुण्य कार्य की जानकारी सुबह जैसे ही शहर के लोगों को हुई तो हर कोई उनकी तारीफ करते नहीं थक रहा है। लोग फोन कर करके युवाओं की इस टीम की हौंसला अफजाई कर रहे हैं। शमशानघाट में सुबह 5 बजे सफाई अभियान चलाने वाली इस टीम में दादरी नगर पालिका परिषद के सभासद विकास वत्स, रोट्रेक्ट क्लब के अध्यक्ष मयंक गोयल, अनुराग गोयल, तुसार मित्तल, वैभव मित्तल, पारस गोयल, यश मित्तल, उज्जवल गर्ग आदि लोग मौजूद थे।