महासंघ के जिला महामंत्री अजयपाल नागर एवं जिलाध्यक्ष अशोक यादव। ग्रेनो मीडिया

ग्रेटर नोएडा। वैश्विक महामारी कोविड-19 के इस दौर में हर कोई भयभीत है। बीते लंबे समय से कभी कभी राशन वितरण तो कभी प्रवासी मजदूरों को ट्रेनों में बैठाकर उनके घर भेजने के सहयोग में लगे शिक्षकों को भी कोरोना संक्रमित होने का डर सता रहा है। जिसके चलते राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ ने डयूटी पर रहे ऐसे सभी शिक्षकों के कोविड टेस्ट कराए जाने की मांग की है। महासंघ के जिलाध्यक्ष व महामंत्री ने इसके लिए अपनी मांगों का एक ज्ञापन डीएम सुहास एल वाई को ट्विट किया है।

यह भी देखें :-गौतमबुद्धनगर में दूसरी सीज फायर बनी ग्रेनो की नामी मोबाइल कंपनी, रविवार को 11 कर्मचारियों में हुई कोरोना की पुष्टि

राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ के प्रवक्ता एवं कोषाध्यक्ष रविंद्र रौसा ने बताया कि कोविड-19 महामारी में शासन- प्रशासन की व्यवस्था में सहयोग देने के लिए राशन वितरण और प्रवासी मजदूरों को बसों व ट्रेनों के माध्यम से उनके घरों तक पहुंचाने के लिए जिल के शिक्षकों की डयूटी लगाई गईं थीं। जिसको शिक्षकों के द्वारा अपने परिवारों की जान को खतरे में डालते हुए पूरी निष्ठा और ईमानदारी के साथ किया है। इसी प्रकार की डयूटियों पर लगे दूसरे राज्यों समेत अन्य स्थानों पर कुछ शिक्षकों के संक्रमित होने की खबरें आ रही हैं। ऐसे में महासंघ के जिलाध्यक्ष अशोक यादव व महामंत्री अजयपाल नागर ने ट्वीट के माध्यम से अपनी मांगों का एक ज्ञापन डीएम को भेजा गया है। जिसमें मांग की गई कि राशन वितरण एवं रेलवे स्टेशन पर शिक्षकों की डयूटी समाप्ति के बाद सभी शिक्षकों का कोरोना टेस्ट कराया जाए। ताकि किसी भी अनहोनी की स्थिति में उनकी और उनके परिवार की समय रहते सुरक्षा की जा सके।

[feed url=”https://bit.ly/2WWbc5m” number=”5″]