ग्रेटर नोएडा। अखलाक हत्याकांड के बाद देश-विदेशों तक में चर्चा का केंद्र रहे दादरी के बिसाहड़ा गांव में भी कोरोना संक्रमण ने दस्तक दे दी है। गांव में एक युवक और उसके पिता व बहन को कोरोना संक्रमण की पुष्टि की गई है। युवक ओप्पो कंपनी का कर्मचारी है। तीनों लोगों को दिक्कत होने पर शुक्रवार को सैंपल लिए गए थे। जिसके बाद उन्हें क्वारंटीन सेंटर भेजा गया था।

बता दें कि दादरी के बिसाहड़ा गांव का रहने वाला एक युवक ग्रेटर नोएडा की ओप्पों कंपनी में कर्मचारी है। लॉकडाउन-4 में कंपनी शुरू होने के बाद 15 मई को कंपनी के कुछ लोग कोरोना संक्रमित पाए गए थे। स्वास्थ्य विभाग के सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार कोरोना की उसी चैन से जुडे बिसाहडा के युवक और उसके पिता व बहन को भी दो दिन पूर्व दिक्कत होने पर जांच के लिए भेजा गया था। जहां उनके सैंपल लेने के बाद उन्हें ग्रेटर नोएडा के गलगोटिया इंस्टीट्यूट में बने क्वारंटीन सेंटर में रखा गया था। जहां युवक के पिता और बहन को किसी अन्य बीमारी के चलते हुई दिक्कत पर जिला अस्पताल के लिए रैफर किया गया था।

जिसके बाद शनिवार को तीनों लोगों को कोरोना संक्रमण की पुष्टि की गई है। जांच रिपोर्ट आने के बाद स्वास्थ्य विभाग ने गांव को कंटेनमेंट जोन में शामिल करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। वहीं गांव में सर्वे संपर्क में आए अन्य लोगों की भी जानकारी की जाएगी। इसी के साथ परिवार के अन्य लोगों को भी क्वारंटीन सेंटर भेजा जाएगा। ओप्पो कंपनी के युवक और उसके पिता व बहन के कोरोना पॉजिटिव पाए जाने की पुष्टि जिला सर्विलांस अधिकारी डॉ सुनील दोहरे के द्वारा की गई है।

बता दें कि बिसाहड़ा गांव में 28 सितंबर 2015 को गोमांस की अफवाह पर कुछ लोगों ने अखलाक नाम के शख्स की पीट-पीटकर हत्या कर दी थी। उपद्रवियों ने उनके बेटे दानिश को भी बुरी तरह पीटा था। पीड़ित पक्ष ने गांव के ही 18 लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी। इसमें शामिल 3 नाबालिगों को बाल सुधार गृह और 15 को जेल भेजा था। एक आरोपी रॉबिन की जेल में मौत हो गई थी। हत्याकांड के बाद बिसाहड़ा गांव देश की राजनीति का केंद्र रहा था। वहीं विदेशों तक में भी गांव में हुई घटना को लेकर चर्चा हुई थी।