मेरठ। सियासत का ऊंट कब किस करवट बैठ जाए यह कहना मुश्किल ही नहीं नामुमकिन है। मेरठ-सहारनपुर मंडल से शिक्षक एमएलसी पद को लेकर पहली बार ताल ठोक रही बीजेपी के साथ भी कुछ ऐसा ही होता नजर आ रहा है। क्योंकि इस सीट पर नोएडा से बीजेपी के प्रत्याशी श्रीचंद शर्मा के अपने ही उनका बना बनाया खेल बिगाड़ सकते हैं। सूत्रों की माने तो बीएसपी इस चुनाव में श्रीचंद शर्मा के लिए पहले ही दिन से जमीन तैयार करने वाले उनके बेहद करीबी नेता मास्टर परमानंद कौशिक पर दाव खेल सकती है।

बता दें कि मेरठ-सहारनपुर शिक्षक एमएलसी चुनाव में माध्यमिक शिक्षक संघ के अध्यक्ष ओमप्रकाश शर्मा की पिछले 48 सालों से बादशाहत कायम है। ओमप्रकाश शर्मा को इस सीट पर सिकस्त देने के लिए पूर्व में भी कई बार तमाम शिक्षक संघ एकजुट होने के बाद भी उनका वर्चस्व नहीं तोड़ सके थे। सीट पर बीते चुनाव में भी ओमप्रकाश शर्मा ने उमेश त्यागी को पछाड़ते हुए लगातार आठवीं बार विजय हांसिल की थी। लेकिन इस बार बीजेपी ने मेरठ-सहारनपुर शिक्षक एमएलसी सीट पर पहली बार नोएडा के श्रीचंद शर्मा को प्रत्याशी बनाकर बड़ा दाव खेला है। इतना ही नहीं बीजेपी ने चुनाव में विजय हांसिल करने के लिए जिले में मंडल और बूथ स्तर तक जाकर जमीन भी तैयार करने का काम किया है। जिसे देखकर राजनीतिक पंडित इस बार 48 सालों से काबिज ओमप्रकाश शर्मा का विकेट गिरना तय मान रहे थे। जिसकी एक बड़ी वजह यह भी मानी जा रही थी कि ओमप्रकाश शर्मा के दौर के अधिकांश शिक्षक अब सेवानिवृत हो चुके हैं। वहीं दूसरी ओर अब इस चुनाव में निजी इंस्टिट्यूटों, वित्तवहीन मान्यता प्राप्त स्कूलों और आईटीआई के शिक्षकों को भी मतदान का अधिकार मिल गया है। जिनमें ओमप्रकाश शर्मा का कोई खास असर नहीं है। जिसके चलते बीजेपी के नेताओं में इस चुनाव को लेकर खासा जोश भी दिखा पड़ रहा था।

लेकिन कोरोना संकट काल के दौरान चल रहे लॉकडाउन में इस चुनाव ने नया मोड़ ले लिया है। सूत्रों से मिल रही खबर के अनुसार इस सीट पर अब नोएडा से ही तीसरा ब्राह्मण चेहरा भी प्रत्याशी के तौर पर सामने आने की संभावनाएं बन चुकी हैं। बताया जा रहा है कि यह चेहरा कोई बाहरी नहीं बल्की बीजेपी खेमे से ही और श्रीचंद शर्मा के बेहद करीबी मास्टर परमानंद कौशिक हो सकते हैं। जोकि चुनाव के पहले ही दिन से लेकर अभी तक बीजेपी प्रत्याशी श्रीचंद शर्मा के लिए दोनों मंडलों के विभिन्न जिलों में जमीन तैयार करने का काम कर रहे थे। इतना ही नहीं परमानंद कौशिक के पास मेरठ-सहारनपुर मंडल में शिक्षक व स्नातक एमएलसी चुनाव का अच्छा खासा अनुभव है। मार्च 2014 में हुए चुनावों के दौरान उन्होंने इसी क्षेत्र से स्नातक सीट पर मेरठ के ही धर्मेंद्र भारद्वाज को चुनाव लड़ाया था। जिसमें धर्मेंद्र भारद्वाज को बहुत मामूली अंतराल से हेम सिंह पुंडीर के सामने हार का सामना करना पड़ा था। वहीं परमानंद कौशिक का बुलंदशहर, गौतमबुद्ध नगर, हापुड़, सहारनपुर व मेरठ में भी निजी कॉलेजों के शिक्षकों के बीच अच्छा खासा प्रभाव है। जिसका लाभ अभी तक बीजेपी प्रत्याशी श्रीचंद शर्मा को मिल रहा था।

लेकिन सूत्रों की माने तो अब परमानंद कौशिक खुद ही उनके सामने बीएसपी से ताल ठोकरने की तैयारी में हैं। सूत्रों से खबर आ रही है कि वो बीते एक सप्ताह से बीएसपी के राष्ट्रीय स्तर के नेता के संपर्क में हैं। बीएसपी के ये बड़े नेता भी ब्राह्मण समाज से ही बताए जा रहे हैं। हालांकि इस पूरी पठकथा का केंद्र बिंदू मेरठ के किठौर में बताया जा रहा है। वहीं पठकथा को लिखने वाला मेरठ से बीएसपी का एक जिला पंचायत उम्मीदवार और परमानंद कौशिक का फुफेरा भाई बताया जा रहा है। सूत्रों से यह भी खबर मिली है कि ईद से एक दिन पूर्व रविवार को किठौर में बीएसपी के एक बड़े नेता के यहां दोनों मंडलों के कुछ प्रतिनिधियों के साथ परमानंद कौशिक की मीटिंग भी कराई गई है। वहीं एक मीटिंग इस संबंध में आज मंगलवार दोपहर को बुलंदशहर के एक इंस्टिट्यूट में भी आहूत की गई है। बहरहाल राजनीति पंडित इस स्थिती को बीजेपी प्रत्याशी श्रीचंद शर्मा के लिए सिर मुंडाते ही ओले पड़ने जैसी स्थिती मान रहे हैं। हालांकि सियासत का ऊंट किस करवट बैठेगा यह देखने वाली बात होगी।