मध्यप्रदेश के बाद अब राजस्थान में सियासी भूचाल आ गया है। राजस्थान की सियासी उठापटक के बीच रविवार को नूंह में भी सियासी हलचल तेज हो गईं। गुरुग्राम के मानेसर के पास तावड़ू स्थित आइटीसी ग्रैंड भारत होटल के बाहर पुलिस तैनात कर दी गई है। बताया जा रहा है कि इसी होटल में राजस्थान के उप मुख्यमंत्री सचिन पायलट के समर्थक 21 विधायक ठहरे हुए हैं। बताया जा रहा है कि उनमें कुछ निर्दलीय विधायक भी शामिल हैं।

हालांकि अधिकारिक पुष्टि होटल प्रबंधन की ओर से अभी तक नहीं की गई है। यह भी संभावना जताई जा रही है कि कुछ और विधायक होटल पहुंच सकते हैं। विधायकों के आते ही पुलिस सुरक्षा बढ़ा दी गई। होटल से करीब पांच सौ मीटर पहले बैरिकेड्स लगा दिए गए। शनिवार शाम को सीआइडी के कई अधिकारी भी होटल के आसपास देखे गए। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और उप मुख्यमंत्री सचिन पायलट के बीच आपसी खींचतान अब खुलकर सामने आ गई है. राजस्थान में अब कुछ वैसी ही स्थिति बनती दिख रही है, जैसे मध्यप्रदेश हाल ही में ज्योतिरादित्य सिंधिया के समर्थक तमाम विधायक पहले देश के अलग अलग शहरों के एक रिसोर्ट में ठहरे थे, और फिर बाद में पूरी सियासत ही बदल गयी. अब रिपब्लिक टीवी ने सूत्रों के हवाले से लिखा है कि कांग्रेस के 16 और तीन निर्दलीय विधायक दिल्ली के आईटीसी होटल में ठहरे हैं. वहीं मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने शनिवार देर रात सभी मंत्रियों को फोन किया है.

कुछ ऐसे शुरू हुआ सियासी खेल

इससे पहले 10 जुलाई को स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (एसओजी) ने यह खुलासा करते हुए मुकदमा दर्ज किया कि ब्यावर के रहने वाले बीजेपी के एक स्थानीय नेता भरत मालानी और उदयपुर के क्षत्रिय महासभा के उपाध्यक्ष अशोक सिंह ने दो मोबाइल नंबरों से कांग्रेस के नेताओं से संपर्क करने की कोशिश की है. वहीं, बीजेपी के दो नेताओं को गिरफ्तार करने के बाद एसओजी अब राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और उपमुख्यमंत्री सचिन पायलट का भी बयान दर्ज करेगी. इसके लिए एसओजी ने गहलोत और पायलट से समय भी मांगा है. उधर भाजपा ने आरोप लगाया है कि कि यह कांग्रेस का अंदरूनी झगड़ा है. दोनों के आपसी विवाद में जबरदस्ती लोग बीजेपी को घसीट रहे हैं. हालांकि राजनीतिक हलकों में यह भी चर्चा तेज है कि मध्यप्रदेश की तरह ही अब सचिन पायलट राजस्थान की सरकार को गिरा सकते हैं।