बहुजन समाज पार्टी की अध्यक्ष और पूर्व सीएम मायावती ने योगी सरकार को आड़े हाथों लिया है। उन्होंने आरोप लगाया है कि जो लोग बड़ी बड़ी डिग्रियां लेकर प्रदेश में आए हैं वो आज मनरेगा के तहत गढढ़े खोद रहे हैं। सरकार को उनके बारे में सोचना चाहिए।

मायावती ने शनिवार को ट्वीट करते हुए लिखा कि जब प्रवासी मजदूर आ रहे थे तब खासकर उत्तर प्रदेश सरकार ने इस बात पर जोर दिया था कि प्रवासी लोगों का उनकी योग्यता के हिसाब से रजिस्ट्रेशन होना चाहिए और इन्होंने रजिस्ट्रेशन कराया भी।लेकिन उसके बावजूद भी देखने को मिल रहा है कि जो लोग बड़ी-बड़ी डिग्री लेकर प्रदेश में आए हैं आज वो मनरेगा के तहत गड्ढे खोद रहे हैं। सरकार को सोचना चाहिए कि जब लोग बड़ी-बड़ी डिग्री लेकर गड्ढे खोदेंगे तो इसका शिक्षा पर कितना बुरा प्रभाव पड़ेगा।

मायावती ने कहा कि केंद्र सरकार कह रही है कि नई योजनाओं का विस्तार नहीं किया जाएगा, सिवाय पीएम गरीब कल्यान पैकेज और आत्मनिर्भर भारत अभियान पैकेज के। यह स्वागत योग्य कदम है। लेकिन इसका लाभ गरीब, श्रमिकों और बेरोजगार लोगों को मिलता नहीं दिख रहा है।

योगी सरकार करा रही है श्रमिकों की स्किल मैपिंग

उत्तर प्रदेश के सीएम योगी आदित्यनाथ ने हर हाथ को रोजगार देने की मुहिम के तहत ही4 औद्योगिक संस्थानों के साथ अपने सरकारी आवास पर एक करार कियाथा,जिसके तहत 11 लाख श्रमिक व कामगारों को स्थानीय स्तर पर रोजगार दिया जाएगा। यह रोजगार स्थानीय स्तर पर संबंधित श्रमिक की स्किलके अनुसार होगा। श्रमिकों के हुनरका पता लगाने के लिए सरकार लॉकडाउन के कारण बाहर से आ रहे श्रमिकों के स्किल का मैपिंग करा रही है। अब तक 18 लाख से अधिक श्रमिकों व कामगारों की स्किल मैपिंग की जा चुकी है


मायावती ने केंद्र सरकार पर निशाना साधा है। मायावती ने कहा है कि सरकार बाहर से आने वाले डिग्री धारकों को उनकी योग्यता के अनुसार काम दे। उन्हें तो मनरेगा में गढढे खादेने के लिए लगाया जा रहा है।