नई दिल्ली: नितिन गडकरी कल नागपुर जाएंगे. संघ प्रमुख मोहन भागवत से मुलाकात करेंगे. गुरुवार शाम को नागपुर में नितिन गडकरी और मोहन भागवत की यह मुलाकात होनी है. महाराष्ट्र में शिवसेना और बीजेपी की सरकार बनाने की कवायद के बीच गडकरी और संघ प्रमुख भागवत की मुलाकात पर सबकी नजरें टिकी है.

सूत्रों की माने तो शिवसेना लगातार नितिन गडकरी का नाम मुख्यमंत्री पद के लिए भीतर खाने में ले रही है, लेकिन अभी तक खुलकर शिवसेना ने देवेंद्र फडणवीस को बदलकर नितिन गडकरी को मुख्यमंत्री बनाने की मांग सार्वजनिक तौर पर नहीं की है. माना जा रहा है कि शिवसेना यह दांव सार्वजनिक रूप से खेल सकती है.

इसे दांव इसलिए कह रहे हैं क्योंकि शिवसेना नितिन गडकरी के बहाने चंद्रकांत पाटिल को मुख्यमंत्री बनवाना चाहती है. शिवसेना यह भी जानती है कि नितिन गडकरी को बीजेपी की केंद्रीय इकाई मुख्यमंत्री बनाने को राजी नहीं होगी और ऐसे में चंद्रकांत पाटिल जो कि बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष हैं उनका नाम आगे बढ़ा सकती है.

चंद्रकांत पाटिल बीजेपी के बड़े नेता है और उनकी छवि एक सीधे सज्जन इंसान की है. शिवसेना को लगता है कि देवेंद्र फडणवीस को अपने मन मुताबिक दबाव में ले लेना मुश्किल है लेकिन नितिन गडकरी को भी दबाव में लेना आसान नहीं है लेकिन चंद्रकांत पाटील को अपने मन मुताबिक फैसले करवा लेना शिवसेना के लिए आसान होगा.

ऐसी सूरत में नितिन गडकरी का नाम आगे कर चंद्रकांत पाटिल को मुख्यमंत्री बनाने के लिए बीजेपी को राजी किया जा सकता है. हालांकि अभी यह भी कहना मुश्किल है कि बीजेपी देवेंद्र फडणवीस के बजाय किसी दूसरे नाम के विकल्प पर विचार करने के लिए राजी भी होगी.

सूत्रों की माने तो मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ही होंगे लेकिन नितिन गडकरी और संघ प्रमुख मोहन भागवत की मुलाकात इसलिए अहम हो जाती है क्योंकि यह माना जा रहा है कि संघ प्रमुख ने ही शिवसेना और बीजेपी के बीच रुकी हुई बातचीत को दोबारा शुरू करवाया है. ऐसी सूरत में शिवसेना का मुख्यमंत्री को बदलवाने का दांव क्या गुल खिलाएगा कोई नहीं जानता. महाराष्ट्र में मुख्यमंत्री के नाम पर फंसे पेंच के बीच ऊंट किस करवट बैठेगा, यह कहना बहुत मुश्किल है इसलिए नितिन गडकरी और संघ प्रमुख मोहन भागवत की इस मुलाकात पर सबकी नजरें जमी हुई हैं.

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