जुलाई में लगभग 4 महीने बाद इंटरनेशनल क्रिकेट की वापसी होगी। वेस्टइंडीज और पाकिस्तान को इंग्लैंड का दौरा करना है। यह क्रिकेट जगत के लिए राहत की खबर है। जुलाई और उसके बाद भी अथॉरिटी को सचेत रहना होगा क्योंकि रुकावटें आ सकती हैं।

कोरोना फिर बड़ी परेशानी बन सकता है

कोरोना ही फिर बड़ी परेशानी बन सकता है। इकोनॉमी को बचाने के लिए कई देशों ने लॉकडाउन में ढील दी है। लेकिन डब्ल्यूएचओ के अनुसार अभी भी महामारी की स्थिति कम नहीं हुई है। कई खिलाड़ी अभी भी सुरक्षा को लेकर आश्वस्त नहीं हैं। खेल की वापसी में यह भी बड़ी बाधा है।

ब्रावो, शिमरोन हेटमायर और कीमो पॉल ने कोरोना के डर की वजह से इंग्लैंड दौरे से नाम वापस ले लिया है। वेस्टइंडीज क्रिकेट बोर्ड ने पहले ही साफ कर दिया था कि खिलाड़ियों पर दौरे के लिए दबाव नहीं बनाया जाएगा। आईपीएल पर भी चर्चा जरूरी है। अगर टूर्नामेंट होता है तो बिना फैंस के ही आयोजन करना होगा।

सिर्फ भारतीय खिलाड़ियों के साथ आईपीएल हो सकता है

आईपीएल के पक्ष में तर्क देने वालों का कहना है कि सिर्फ भारतीय खिलाड़ियों के साथ भी इसका आयोजन किया जा सकता है। राहुल द्रविड़ का मानना है कि स्टेडियम को बायो-सिक्योर करने के बाद भी खतरा कम नहीं होगा।

उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि टेस्ट मैच के बीच में कोई खिलाड़ी कोरोना पॉजिटिव पाया जाता है तो क्या होगा? क्या सीरीज और मैच रद्द होंगे। यह असंभव दिखाई नहीं देता। अभी सभी उम्मीद कर रहे हैं कि जुलाई में इंग्लैंड में कुछ गलत न हो।


कोरोना के कारण आईपीएल को अनिश्चितकाल के लिए टाल दिया गया है। लीग के अक्टूबर-नवंबर के विंडो में होने की संभावना है। -फाइल